कब होगी आपकी मौत ? ऐसे कीजिए पता

1. निर्धारित है मौत

कहते हैं जन्म के साथ ही व्यक्ति का अंत भी निश्चित हो जाता है। उसकी मौत कैसे होगी, कब होगी, कहां होगी आदि सभी का निर्णय पहले ही हो जाता है।

2. जीवन के पश्चात मौत

लेकिन फिर भी मनुष्य की चिंता इसी बात पर स्थिर रहती है कि कहीं उसे या उसके परिजन को कुछ हो तो नहीं जाएगा। जिस तरह जीवन एक सत्य है उतना ही बड़ा सच है जीवन के पश्चात मौत।
3. असंभव है धोखा

व्यक्ति चाहे कितना ही ताकतवर, धनवान या ऊंचे ओहदे पर हो, कभी अपनी मौत को धोखा नहीं दे सकता।

4. बदलता जीवन

इस परिवर्तनशील दुनिया में हर पल व्यक्ति का स्वभाव, उसकी आकांक्षाएं, उसकी प्राथमिकताएं बदलती जा रही हैं और जाहिर है बदलते समय के साथ-साथ इस बदलाव में और भी तेजी आएगी।

5. जीवन चक्र

परंतु जीवन का मौत का चक्र ना कभी बदला है और ना कभी बदलेगा। जिसने जन्म लिया है उसे एक दिन इस भौतिक संसार को अलविदा कहना ही है।
6. पुनर्जन्म

हां, मृत्यु के पश्चात आत्मा कहां जाती है, पुनर्जन्म लेकर दोबारा इस संसार का रुख करती है या नहीं, ये अभी एक पहेली ही है।

7. पुराणों में मृत्यु संकेत

इंसान को कभी नहीं पता चलता कि उसका अंत कितना नजदीक है लेकिन पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने स्वयं कुछ ऐसे लक्षणों को बताया है जो मृत्यु के नजदीक होने जैसी बात को स्पष्ट करते हैं।

8. चेहरे के रंग में बदलाव

मान्यताओं के अनुसार जब व्यक्ति के चेहरे का रंग पीला, सफेद या हल्का लाल पड़ने लगता है तो ये इस बात का लक्षण है कि 6 महीने के भीतर उसकी मौत निश्चित है।
9. परछाई ना दिखे

सामान्य तौर पर जब हम तेल या पानी में झांकते हैं तो हमें उसमें अपना अक्स नजर आने लगता है लेकिन जिस व्यक्ति की मौत नजदीक है उसे वह अक्स नजर नहीं आता।

10. शीशे में चहरा ना दिखाई दे

पानी और तेल के साथ-साथ शीशे और धूप में भी उसकी परछाई उसका साथ छोड़ जाती है। इसका अर्थ है आगामी 6 महीनों के भीतर उसकी आत्मा उसका शरीर त्याग देगी।
11. हर चीज काली

मौत से कुछ समय पहले व्यक्ति को सब चीज काली नजर आने लगती है। वह रंगों के बीच अंतर करना बंद कर देता है, उसे सब कुछ काला ही नजर आने लगता है।

12. बाएं हाथ का कांपना

वैसे इस लक्षण को पुख्ता तौर पर मान्य नहीं कहा जा सकता लेकिन ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति का बायां हाथ लगातार एक सप्ताह तक फड़कता रहता है तो यह इस बात को सिद्ध करता है कि एक माह के भीतर उस व्यक्ति की मौत हो जाएगी।

13. इन्द्रियों में कड़ापन

मनुष्य के पास पांच सेंस ऑर्गन अर्थात इन्द्रियां होती हैं लेकिन अगर धीरे-धीरे उन इन्द्रियों में कड़ापन आने लगे तो यह उस व्यक्ति की मौत को स्पष्ट करता है।

14. नाक को देख पाने में असमर्थता

समय जैसे-जैसे बीतता है वह व्यक्ति अपनी नाक को नहीं देख पाता। सामान्य तौर पर धुंधला ही सही लेकिन हम अपनी नाक को देख सकते हैं लेकिन जिस व्यक्ति की मौत होने वाली होती है उसकी आंखें ऊपर की ओर मुड़ने लगती हैं जिसकी वजह से वह अपनी नाक नहीं देख पाता।

15. रोशनी नहीं देख पाता

सामान्य व्यक्ति सूरज, चांद और आग में से निकलने वाली रोशनी देख लेता है लेकिन जिस व्यक्ति की मौत होने वाली हो वह या तो इन सब की रोशनी को नहीं महसूस कर पाता या फिर ये सब उसे लाल रंग का नजर आता है।

16. खंडित चांद

जिस व्यक्ति की मौत कुछ ही घंटों में होने वाली होती है उसे चांद में दरार या खंडित चांद नजर आता है।

17. सन्नाटे का शोर

जब हम अपने दोनों कान अपने हाथों से बंद कर लेते हैं तो हमें एक अजीब सा शोर सुनाई देता है लेकिन जिस व्यक्ति की मौत होने वाली हो उसके साथ ऐसा नहीं होता क्योंकि जब वो अपने कान बंद करता है तो उसके लिए सिर्फ और सिर्फ सन्नाटा होता है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: